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रात लिखा (गीत )

संदीप कुमार सिंह 05 Nov 2025 गीत प्यार-महोब्बत #प्यार के ख्यालों में पहली बार एक गीत लिखा #तुमको ही मैंने पूरी शिद्दत से दिन रात लिखा #सूरत तुम्हारी #आज कल तेरा ही नाम मैं अब लेकर सोता हूँ #इस पार से उस पार तक यूँ साथ चलेंगे साथी 14492 0 Hindi :: हिंदी

प्यार  के  ख्यालों  में  पहली   बार  एक  गीत  लिखा  l
तुमको  ही   मैंने  पूरी   शिद्दत   से  दिन  रात  लिखा  l

भगवान  से   वर्षों   में  बना  है    सूरत    तुम्हारी  l
रग_ रग  में  अनुराग    देती    है  नसीहत   तुम्हारी l
चाँद_ तारों  में  हमें  तो  नजर    आती  हो  सनम  तुम l
दुनिया  में  सबसे  हसीन  नजर  आती  हो   सनम  तुम l
प्यार  के  ख्यालों  में  पहली   बार  एक  गीत  लिखा  l
तुमको  ही   मैंने  पूरी   शिद्दत   से  दिन  रात  लिखा l

आज  कल  तेरा  ही  नाम  मैं  अब  लेकर  सोता  हूँ  l
और  मजे  से  तेरा  ही  नाम  लेकर   जागता  हूँ  l
तुम  परी  अप्सरा  नहीं  तुम  तो  सूरज   की  धूप  हो l
सुन्दरता  में इस  संसार   के   बेमिसाल  रूप  हो l
प्यार  के  ख्यालों  में  पहली   बार  एक  गीत  लिखा  l
तुमको  ही   मैंने  पूरी   शिद्दत   से  दिन  रात  लिखा l

मेरी  जिन्दगी  जीने  का  तुम  ही  सुंदर   हो  अर्थ l
अद्भूत   हो   जान  तुम   सभी  कलाओं   से  हो  समर्थ l
 दुआ  करूँ पाया  मैंने   अब  तो   अनमोल  रत्न  को  l
आख़िरकार    सुन  ही  लिया  खुदा  ने  मेरे  यत्न  को l
प्यार  के  ख्यालों  में  पहली   बार  एक  गीत  लिखा  l
तुमको  ही   मैंने  पूरी   शिद्दत   से  दिन  रात  लिखा l

चाहत   है   यूँ   ही  जिन्दगी  में  कायम   रहे  खुशियाँ  l
तुम्हारे  रूप _ रंग  पर नित    छाई   रहे     सुर्ख़ियाँ l
बदले  जमाना  सारा  न  बदलेंगे  हम_ तुम  साथी  l
इस  पार  से  उस  पार  तक  यूँ  साथ  चलेंगे  साथी  l
प्यार  के  ख्यालों  में  पहली   बार  एक  गीत  लिखा  l
तुमको  ही   मैंने  पूरी   शिद्दत   से  दिन  रात  लिखा l
(स्वरचित मौलिक)
संदीप  कुमार  सिंह*Author*

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