Shoaib Insta 25 May 2025 गीत समाजिक प्यार मोहब्बत की गीत, गीत, 31210 0 Hindi :: हिंदी
............जिंदगी की यही रीत हैं................ ज़िन्दगी की यही रीत है हार के बाद ही जीत है थोड़ा ग़म है, थोड़ा ख़ुशी है ज़िन्दगी की यही रीत है। सूरज हर शाम को ढलता है चाँद हर रात को निकलता है मुश्किलों से डरना क्या ये तो हर इंसान पर चलता है। कभी आसूं, कभी मुस्कान यही तो है जीवन का गान हर मोड़ पर मिलती नई कहानी हर सांस कहती है कुछ नई जुबानी। तो चलते रहो, रुको मत कहीं रास्तों में ही तो बसती है जिंदगी की नयी ज़मीं ज़िन्दगी की यही रीत है हार के बाद ही जीत है।..Shoaib Insta 11