मोती लाल साहु 09 Jun 2025 गीत प्यार-महोब्बत चली रे चली दीवानी- #गीत- #song- प्यार मोहब्ब्त-#love love- खोज- #explore- प्रेरणा- #motivation- शायरी- #poetry- मोती- #Moti 17200 0 Hindi :: हिंदी
चली रे चली दीवानी... चली संगम को ये दरिया दीवानी, अल्हड़ सी है इसकी ये रवानी, ना देख डगर, न देखे किनारा, बस एक धुन में है ये बेगानी. चली रे चली दीवानी... ये रुत है मिलन की, चली दीवानी, हर सांँस में बस एक ही कहानी, मचली है लहरें, ये कैसा जादू, सागर को चली है ये दीवानी. चली रे चली दीवानी... न कोई फिकर, न कोई बंधन, मस्ती में डूबी ये मीठी धुन. मंजिल है इसकी वो गहरा सागर, खो जाएगी इसमें बनके वो जलकण. चली रे चली दीवाना... चली संगम को ये दरिया दीवानी, अपनी ही धुन में है ये मस्तानी. प्यासी निगाहें, बिखरी ये चाहत, पूरी हो ख्वाहिश, है दिल की ये जानी. चली रे चली, चली रे चली, चली रे चली, दीवानी चली.... -मोती