ये बातें और रो रो कर नयन से जल बहाया है - आकाश अगम

ये बातें और रो रो कर नयन से जल बहाया है     आकाश अगम     ग़ज़ल     अन्य     2021-09-26 15:52:37     #ग़ज़ल #Ghazal #ये बातें और #ye baaten aur #हिंदी ग़ज़ल #आकाश अगम #Akash Agam     30258        
ये बातें और रो रो कर नयन से जल बहाया है

ये  बातें और रो रो कर  नयन से जल  बहाया है
स्वयं गिर गिर के लोगों को मग़र हमने हँसाया है।।

ये रस्ता जा रहा किस ओर हमने पूँछ कर देखा
गए कर पार मंजिल को, उन्होंने तब बताया है।।

पिता भेजें अकेले पुत्र को बाज़ार तब देखो
वहाँ कितने कदम चलना हज़ारों बार गिनाया है।।

यहाँ पर कौन जा कर ख़ुद बनाये मित्रता सच्ची
फ़क़त आरोप देते हैं कि तुमने कम निभाया है।।

यहाँ   माँ  बाप का   आरोप बेटा पास ना बैठे
उन्होंने भी पिता माँ पर समय कितना लुटाया है।।

मैं चौखट , देहरी आओ तुम्हें आवाज़ देती हूँ
कोई अंदर नहीं आया तुम्हें जबसे मिटाया है।।

फ़क़त  सूरत  नहीं   है मायने  रखती  परीक्षा में
हुआ कीचड़ ही कीचड़ है कमल जबसे खिलाया है।।

किसी बीमार इंसाँ को फ़क़त बीमार मत समझो
बिमारी कितनी घातक है बताने हमको आया है।।

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