कुमार किशन कीर्ति 25 May 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत कसक,वेबफाई 40825 0 Hindi :: हिंदी
1 तेरी वेबफाई को भुला नहीं पाएंगे,
दिल में लगी ज़ख्म पर मरहम ना लगाएंगे।
2 प्यार किया है तुमसे ताउम्र इसे निभाएंगे,
तन्हाई में जी लेंगे,पर महफ़िल में ना जाएंगे।
3 कौन कहता है आशिक़ी में रुसवाई नहीं होती,
सच पूछो तो वेबफाई से बढ़कर कोई सजा नहीं होती।
4 अब तो ताउम्र तुम्हें याद करेंगे,
तुम्हें चाहेंगे,पर पुकारा नहीं करेंगे।