Poonam Mishra 24 May 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत एतबार ने की 26895 0 Hindi :: हिंदी
शुक्र है !मैंने तुम पर ऐतबार न की! समय रहते ही खुद को! संभाल लिया ! जिंदगी तबाह न की ! जिस दिन से तुमको चाहा किसी और की चाह न की? न जाने ! जिंदगी मेरे संग इस तरह का मजाक क्यों ?कि ! तुम्हारी बेवफाई का दर्द नहीं है I मुझे !न जाने क्यों? दिल तुमसे बिछड़ने के बाद भी कभी आह ना की! मुझे जिंदगी में और भी बहुत ! से काम है l अपने दिल के हाथों ! अपने आप को तबाह ने की! लेखिका पूनम मिश्रा