मोती लाल साहु 10 Jul 2025 ग़ज़ल अन्य मोती का ये पैग़ाम#this message of Moti, संभल कर#be careful, सबसे बड़ी शक्ति की नज़र #the greatest power of sight, नाम#Holi Naam, ख़ोज #explore, प्रेरणा#motivation, जीवन ही जीवन का मंज़िल है#life is the destination of life, भक्ति#inner peace, love to infinity, घट-घट#in everyone's heart, आत्मज्ञान#self knowledge, शायरी#poetry, ग़ज़ल #gazal, मोती#Moti 16980 0 Hindi :: हिंदी
करम हर क़दम पर, है तेरी ये नज़र, ऐ मुसाफ़िर ज़रा, अब तू संभल कर। काट कर ये कोटी जन्म दिए, मानव तन दिया है, तू संभल कर। संभल के चल तू , ये माया की चाल, जाना है तुझे अपने मुकाम तक संभल कर। चल बस युक्ति ना भक्ति के सिवा, "नाम" सदा से घट-घट फिरे, तू संभल कर। मोती का ये पैग़ाम है हर घड़ी, जीवन की हर राह पर, चल तू संभल कर। -मोती