Jyoti yadav 09 Oct 2024 ग़ज़ल दुःखद #लौट के आजा ,#चाहे अपना पता बताना# 53498 0 Hindi :: हिंदी
छोड तू तेरा आशियाना
कहां चले,
पुछ रही हूं बताना
कहां चले। ।।।।।।।
क्या मजबूरी थी किसका हुआ सीतम
कहां गए तूम क्यो रह गए हम ,
साथ साथ हम चलते थे
तेरे सिने मे दिल बनकर हम धड़कते है
तुम्ही तो कहते थे।।।।।।
बिन धडकन तेरे सिने का
बिन सिने मेरे जिने का क्या हाल है
देख मेरे भाई तू, बिन तेरे ए जमाना
छोड तू तेरा आशियाना
कहां चले
लौट के आजा,चाहे अपना पता बताना
कहां चले ।।।।
#(विनय,यादव)#
ज्योति यादव के कलम से💯
कोटिसा बिक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर