बलीदान देश के लिए - नहीं चाहिए हमें कुर्सी, - संदीप कुमार सिंह

बलीदान देश के लिए - नहीं चाहिए हमें कुर्सी,     संदीप कुमार सिंह     कविताएँ     देश-प्रेम     2021-09-22 11:41:11     लोगों के लिए प्रेरणा से भरपूर मेरी कविता जिसका शीर्षक ऊपर दिया हुआ है।     10718        
बलीदान देश के लिए - नहीं चाहिए हमें कुर्सी,

नहीं चाहिए हमें कुर्सी,
नहीं चाहिए हमें पदवी।
नहीं चाहिए हमें वेतन,
नहीं चाहिए हमें भत्ता।
हम हैं देश के बेटा,
देश के आण_बाण और शान
के लिए सांसों की,
अन्तिम गिनती तक
मर_मिटने के लिए
तैयार हैं।
            चिंटू भैया

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