मोती लाल साहु 12 Jun 2025 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत ग़ज़ल ए प्रेम का सफ़र - #ghazal e Prem ka Safar- खोज- #explore- प्रेरणा- #motivation- शायरी- #poetry- आत्म ज्ञान- #self knowledge- #Moti 15443 0 Hindi :: हिंदी
ये सुंदरता है अंदर- प्रेम का बहता सागर, ये हृदय में है सुख का स्रोत- आनंद का सागर, कहांँ ढूंढे तू बाहर- तू कहांँ जाए भटकता, तेरी हर श्वास में है- ये तेरा अपना ही घर, नज़र जब तक न तेरी अपने अंदर डूबेगी, न पाएगी शांति तू न होगा ये सबर। इस भौतिक संसार के धन- वैभव में चैन कहांँ रे बंदे, तू पहचान चिर-इच्छित शांति- दिल बसे रे बंदे। मिटा दे भेद सारे- जो तूने पाले मन में, वही है तेरा मंदिर- वही है तेरा हर। कभी तो खोल आंँखें- जरा खुद को टटोल ले, मिलेगी तुझको मंज़िल है यहीं पर तेरा सफ़र। -मोती