Ranjana sharma 15 Mar 2024 ग़ज़ल दुःखद फिर वो याद आया है# Google# 37655 0 Hindi :: हिंदी
आज फिर वो याद आया है
जिसे कभी दिल से उतार दिया था
आज ना जाने क्यों
फिर वो याद आया है
जो गुजारे थें हमने लम्हें और पल
कभी एक साथ
आज फिर वो शाम याद आया है
उस दिन को उस श्क्स को
हमने कब का भुला दिया
पर ना जाने क्यों
फिर से वो बारिश की झड़ी याद आया है
कैसे संभाले खुद के आंखों
के आंसूओं को
इन आंखों में आज उसकी
तस्वीर झलक आया है
जिस ख्वाब को छोड़ कर
अधूरा चले गए थें
आज वो ख्वाब याद आया है
तू गर मौजूद नहीं तो क्या हुआ
मेरी परछाई में तेरी ही छाया
उठ आया है
धन्यवाद🙏