ये आती-
तन से ख़ुशबू तुम्हारी,
बसे दिल-
में आती याद तुम्हारी,
तुझसे-
नाता है मेरे रब न्यारी-न्यारी,,
जब तक-
तन में तू ए-यार हूं सबका....।। read more >>
चाहत किस-की...?
एक समय की बात है, एक व्यक्ति अपनी हाल ही में एक कार खरीदी वो उस को बड़ी चाहत से धुलाई करके चमका रहा था। उसी समय उसका पांच वर read more >>
ये ख़ालिस-
ज़िंदगी चले ना रब के बिना,
आरज़ू जीवन-
के खिले ना रब के बिना,
रौशन है यह-
जीवन उसी की रोशनी से,,
पता न उड़े-
कभी बिन हवा बिन झ� read more >>
हवा से उडती धूल हू मे,
शायरी की राह में एक भुल हू मे!
किसी की संसो मे ,कहियो की आँखो मे,
उडती एक धुल हू मे !
कारो के शिषे पर जमी धुल,
पर लिखती read more >>