दिल में इस तरह तिरी याद आई
सूने सहरा में गोया बहार आई
कागज़ पे बयां कैसे करूँ ग़म-ए-हिज्र
मिरी कलम में नहीं है इतनी रोशनई
— त्रिशिका श read more >>
यादों से सजाया हैं घर सारा हमने
दीवारो पर लगा दी तस्वीर तेरी " । ।
जिन्दगी तेरे नाम लिखकर "यू" सफर कर लेंगे ।
आँखो में बना रखी है एक read more >>