‌प्रवेशोत्सव
‌अप्रेल का महीना आते ही विद्यालयों में प्रवेश की तैयारियां चल रही थी। सभी सरकारी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव बड़ी धू� read more >>
मैं गांवपहुंचता हूं तो देखता हूं कि गांव में सब कुछ पहले जैसा ही है मेरा बचपन मेरे गांव में ही बीता मेरे माता पिता किसान थे हम दो भाई थे � read more >>
टी स्टाल पर हाथ-पर-हाथ धरे बैठे हुए एक शख्स से मैंने पूछा,‘‘तुम अक्सर इस चाय की दुकान पर बैठे मिलते हो। आसपास कहीं काम करते हो क्या?&rsqu read more >>
फांसी की रात जोकि बहुत दुखदाई होती है लेकिन ऐसा वो वीर जिनको मरना मानो सहज लगता हो । पर फक्र है हम आजादी के लिए मर रहे हैं क्योंकि ह� read more >>
तब लैंडलाइन फोन का जमाना था। एक दिन मेरा पड़ोसी मेरे घर आया और दर्दभरे लहजे में बोला, ‘‘मेरा फोन काफी दिनों से ‘डेड’ पड़ा है। ‘सूं read more >>