[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
ग़ज़ल
Home
Category
ग़ज़ल
दर्दे जुदाई
ये विरह वेदना को अब कोन मिटाएगा अब तो ये दर्द और बड़ता चला जायेगा जीने की तमन्ना मर चुकी हो जिसकी ऐसी जिंदगी भी जीना कोन चाहेगा ।। ऐ
read more >>
तुम बिन
शीर्षक ---- तुम से दूरी तुम समय के साथ मुझसे दूर होते गए ! न जाने क्यों ?तुम मजबूर होते गए ! बहुत खामोशी के साथl मैंने रिश्तो को संभालना च�
read more >>
आंखे
आंखो देखी बात है बात उन आंखो की आंखो से पूछो क्या है बात उन आंखो की ।।। सोते सोते चलते चलते सुबह हो के शाम हो रात ओर दिन अती है याद उन �
read more >>
अजनबी।
एक अजनबी से हुईं मुलाकात शुरू में।........ जिस्मों को पीछे छोड़कर, उतरा है वो रूह में।
read more >>
सच ने किस का साथ कब तक दिया है
सच ने किस का साथ कब तक दिया है सो हमने भी झूठ अपना लिया है हमने ढाए जुर्म जो मुफ़लिसों पर उनका बदला क़ब्र ने ले लिया है रोज़-ए-महशर देख
read more >>
एक ख्वाब
एक ख्वाब जो मैंने देखा था ओ पूरा होने से पहले ही टूट गया कितने अरमान जुड़े थें उस सपने से ओ अरमान चकनाचूर हो गया कितनी खुशियां जुड़ी थ�
read more >>
इश्क ज़हर है
यांदो का घर है। ख्वाबों का शहर है। हकीकत की दुनियां से हम बेखबर है। ये वफ़ा ये मोहब्बत तुम्ही को मुबारक हो हमारे नज़र में ये दोनों ज�
read more >>
♥️मां ♥️
मुझे माफ़ कर मेरे यां खुदा झुक कर करू तेरा सजदा तुझसे भी पहले मां मेरे लिए ना कर कभी मुझे मां से जुदा
read more >>
तुम मुझे इतना बता दो कि मेरे जेहन से जाने का क्या लगेगा
तुम मुझे इतना बता दो कि मेरे जेहन से जाने का क्या लगेगा मैं सिमट जाऊँगा तुम में इस से ज़्यादा मेरा क्या लगेगा तुम भी कर लेना मुझसे गुफ�
read more >>
ये ज़िंदगी अब हमसे ठिसक जाने को कहती है
ये ज़िंदगी अब हमसे ठिसक जाने को कहती है जो चादर पैरो पे ढकी है वो अब खिसक जाने को कहती है हम सबको तवज्जोह देते फिरते है ए-ऋत्विक पर उसक
read more >>
बेवफाई
रफ्ता रफ्ता वादों से मुकर रहे वो आज कल जर्रा जर्रा टूट कर बिखर रहे हम आज कल।। हुनर ये बेवफाई का अब देखने को मिल रहा किस तरह से आदते बदल
read more >>
हमारी आजादी
दो दीन ही मिले जिंदगी के शेर कि तरह मिले आजादी कि दो सौ साल ना मिले जिंदगी के जो भेड कि तरह गुलामी मे गुजरे
read more >>
« Previous
Next »
Showing
565
to
576
of
816
results
‹
1
2
...
45
46
47
48
49
50
51
...
67
68
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder