अब तो ख़ुशी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
आसूदगी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
सब लोग जी रहे हैं मशीनों के दौर में
अब आदमी के नाम पे कुछ भी नहीं रह� read more >>
न देखो पीर उर की, पर अधर की प्यास तो देखो
निहारो मत दिये को, पर शलभ की लाश तो देखो
न कहना फिर तड़प का कुछ असर होता नहीं जग में,
धरा के ताप पर read more >>
इस स्वार्थी दुनिया में जीना है तो सोते हुए भी पैर हिलाते रहो … वर्ना लोग मरा हुआ समझ कर जलाने में देर नहीं लगाएंगे..!!!
दोस्तो ! शायरी अच्� read more >>