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Gopal Pandit

Gopal Pandit

Gopal Pandit

@ gopal-pandit
, Haryana

मेरी रचनाओं को मेरे जीवन में हो रही घटनाओं और व्यक्तियों से सीधा संबंध है मैं केवल कल्पनाओं से नहीं मेरे जीवन में घटी घटनाओं को शब्दों का आकर देकर प्रेषित करता हूं मैं किसीको आहत नहीं कर सकता क्योंकि मेरे जीवन में हर रोज़ कोई ना कोई मुझे आहत करता है अगर फिर भी किसीको मेरे शब्दों से कष्ट पहुंचे तो में माफ़ी चाहता हूं #गोपाल_पंडित

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My Articles

तारीफ़ में तुम्हारी हम लिख देंगें ग़ज़ल सारी लेकिन क्या लिखें हम समझ से परे है मासूमियत तुम्हारी आंखों में अगर देखूं तो डूबने लगूं म read more >>
सोचा नहीं था किसीसे यूं मुलाकात होगी बरसों से प्यासी थी जमीं किसको पता थी कब बरसात होगी बहुत ख्वाहिशें नहीं हैं तुमसे मेरी महादेव म� read more >>
मां जाये नहीं है लेकिन रिस्त्ता उस्ते बढ़के है दोस्त नी केंदा में उसने वा सगे भाई ते बढके है बहुत ज्यादा भी 16 साल ते गैल हैं हम दोनू हम read more >>
तू बेशक ना बुला मुझे मैं फिर भी तेरी चौखट पर चला आऊंगा मेरे बाबा तू सबसे बड़ा है और हमेशा सबसे बड़ा ही रहेगा मैं तेरी चौखट से दूर भला कह� read more >>
देखते हैं यादें कब तक जगती हैं हमें देखते हैं नींद आयेगी पहले या मौत ही सुलाती है हमें यूं तो उसके बारे में कहने को बहुत कुछ है मेरे पा read more >>
वो पूछती रही क्या करोगे में छोड़ जाने के बाद , मैंने सोची ही नहीं थी कभी ज़िंदगी उसके जाने के बाद , वो तो भूल जाएगी मुझको रकीब की बाहों क� read more >>
मेरा कोई नाम नहीं है सिवाय एक पागल के मेरी कोई पहचान नहीं है दुनियां भर में चर्चा सिर्फ़ मेरे पागलपन की है मुझसे बड़ा दुनियां में कोई � read more >>
बड़ी हिम्मत के बाद तुमको मैने फ़ोन मिलाया था बताना चाहता हूं मैंने कई मर्तबा तुमको ख्यालों में बुलाया था मैंने भी एक राज को तुमसे एक � read more >>
बाबा तू ही सहारा है मेरा, ये दुनियां बड़ी मतलबी है, इस मतलबी दुनियां में एक तू ही अपना है मेरा, बाबा और क्यों भटकूं दर बदर मैं, जब तेरे चर read more >>
आज़ बेचैनी सी बन रही है है और थोड़ा मानसिक तनाव है बात करनी है किसीसे लेकिन मेरी पहुंच से दूर वो जनाब है बताना चाहता हूं उसे "उसके बिना read more >>
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