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Gopal Pandit

Gopal Pandit

Gopal Pandit

@ gopal-pandit
, Haryana

मेरी रचनाओं को मेरे जीवन में हो रही घटनाओं और व्यक्तियों से सीधा संबंध है मैं केवल कल्पनाओं से नहीं मेरे जीवन में घटी घटनाओं को शब्दों का आकर देकर प्रेषित करता हूं मैं किसीको आहत नहीं कर सकता क्योंकि मेरे जीवन में हर रोज़ कोई ना कोई मुझे आहत करता है अगर फिर भी किसीको मेरे शब्दों से कष्ट पहुंचे तो में माफ़ी चाहता हूं #गोपाल_पंडित

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My Articles

जैसा भी था वो पहले ही ठीक था अब उसे देख कर मुझे तकलीफ़ होती है यूं तो मेरे लिए आज भी मर सकता है और किसीको मार भी सकता है वो पहले खुश मिजाज read more >>
जब सब कुछ छोड़ दिया है तुमपर बाबा फिर दुनियां से मुझको क्या लेना दोस्त हो चाहे दुश्मन हो तुम अपनी समझ से ही देना मैं तो तेरी मर्ज़ी का read more >>
अब बाकि कुछ लिखने की तमन्ना नहीं है तुमने मेरे संग जो कुछ किया जैसे किया वो सब कुछ सही है ये भी तो सच है मेरा हर रास्ता सिर्फ़ तुम तक पह� read more >>
बड़ी देर से खड़े हैं हम बाबा तेरे दर्शन पाने के लिए कतार में सुबह 3 बजे से तड़प रहें हैं हम तेरे दर्शन के इंतज़ार में #गोपाल_पंडित read more >>
तुम्हें नहीं चाहिए थी ना मोहब्बत हमारी जा रहे है छोड़ कर ये शहर, नज़र में भी नहीं आएंगे कभी तुम्हारी ये जो तुम्हें लगता है मिल जाएगा ह� read more >>
रिश्ते नहीं है मेरे लिए, मैं बेहतर तन्हा मुसाफ़िर हूं किसीको कुछ किसीको कुछ दिखता है मुझमें उतना ही समझते हैं लोग मुझे, जिसके लिए मैं read more >>
मुझे एक अज़ीब सी कस्मकस में डाल रखा है तुमने भोले बाबा समझ नहीं आ रहा मेरी क़िस्मत में क्या लिख रहा है तुमने भोले बाबा कहना तो ना चहिए � read more >>
#dear_ज़िंदगी कह तो दिया मैं सबमें शामिल नहीं हूं तू मर्ज़ी चाहे जो कर ले मगर मैं तुझे कभी हासिल नहीं हूं दुख में तेरे पास हो सकता हूं मगर read more >>
आज 8 साल हो जाएंगे तुझको मुझे छोड़ कर गए तुझे क्या मालूम है तेरे बिना मेरे ये दिन कैसे गए दुनियां को सिर्फ मुस्कुराहट ही दिखती है हर बा� read more >>
बाबा ज़िंदगी उलझ रही है मेरी देख ना क्यों ढील दे रहें हो बाबा कहीं पतंग की तरह कट ना जाए ये सांसें मेरी दुनियां कोशिश कर रही है गिराने � read more >>
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