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Ajeet

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@ ajeet
, Uttar Pradesh

प्रिय मित्रों सभी को सादर प्रणाम। मेरा नाम अजीत हे, मैं वर्तमान में चौधरी चरण सिंह यूनिवरसिटी मेरठ से हिन्दी साहित्य में M.A कर रहा हूं, में गाँव नया गाँव पोस्ट सिकंदराबाद जिला बुलंदशहर का निवासी हूँ | में अपने विचारों को साहित्य लाइव परिवार के माध्यम से लोगो तक पहुँचा रहा हूँ , जिससे की में साहित्य लाइव परिवार का आभारी हूँ | धन्यवाद साहित्य लाइव परिवार/

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My Articles

रिश्ते टूट जाते हे नशा कर जाने से जमीरें बिक जाते हे नशा कर जाने से, अपने बिछड़ जाते हे औरों के मिल जाने से नशा मत करना मेरे हमसफर जिन read more >>
जो जी रहें हे नशे की दुनिया मे वो उजड़ रहे हे अपनों की दुनिया मे/ नशा मत करना दोस्तों रिश्ते बिखर जाते हे खुद की दुनिया मे, अपने मिल जा read more >>
जिन्दगी खराब हो जाती हे नशा करने के बाद, अपने रूठ जाते हे जिन्दगी के साथ, नशा मत करना प्यारे उम्मीदें टूट जाती हे अपनों के साथ/ read more >>
ये रातें तुम्हारा ही ख्याल बढ़ाती हे ख्याल इस तरह बढ़ जाता हे हर मोसम में सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता हे, और तुम कितने अच्छे लगते ह� read more >>
मत छूओ छाया को अब बिखर जाने दो/ इन काले बादलो को आसमान में उड़ जाने दो, मत छूओ छाया को अब बिखर जाने दो/ तिन - तिन बिखरती इन गर्मियों को आ� read more >>
तुमसे ना मिलकर ये दिन अंजान लगता हे / एक पल का एहसास वो भी उदास लगता हे, अब तो हर जगह सिर्फ तुम और में एक ही अल्फ़ाज़ लगता हे, तुमसे ना मिल� read more >>
में उड़ रहा हूँ घटा के साथ में बढ़ रहा हूँ हवा के साथ, में पानी हूँ, मुझे बरसना हे यहाँ/ उड़ा ले जायेंगे कहाँ बहा ले जायेंगे कहाँ अब रुक भ� read more >>
पहाड़ों से बहते नंगे पाँव झरनों की धारा धरा में फेलकर पोधों की कमलियों से सुनाती विस्मृत कहानी, क्या तुमने कुछ कहा रानी / झर - झर पड़ने read more >>
प्रिय शाली जी आना नया गाँव जरूर/ तारों की छाओं में चाँद की चाँदनी बरस्ती जाड़ों की रात में ओस की बूंदें तरस्ती, हो जाये ना वशूधा में � read more >>
उड़ चले खग आसमानों में पंखड़ियों का जो बांध छुड़ाया उड़ते खगो ने यह राग सुनाया, पतझड़ में गोरा बादल मुस्कुराया / इन काली - काली रातों ने पत� read more >>
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