Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

कविता पेटशाली

कविता पेटशाली

कविता पेटशाली

@ --41
, उत्तरांचल

Writing poem ~~most like than Hindi shahitya🖋️📒💝🌺🌺🌺🌺🌺🌺shahitya lover ,💌🦜📛⚜️♥️♦️♣️♠️🙋🤝💕🇮🇳💝

  • Followers:
    2
  • Following:
    4
  • Total Articles:
    39
Share on:

My Articles

मैं ,,जीयूं इस तरह , कि विभव में भोर हो जाए, मैं,, जीयूं इस तरह ,की कविता हर ओर हो जाए, देश ,लिखने वाले द्वेश नहीं लिखा करते, मिट्टी में भी सुग read more >>
अरसे बाद,खुद को पहचान पाई हूं, ये मेरे अहसास की सुगन्ध है,। समय का इक पहलू ,मेरा बड़ा भयभीत रहा , फिर भी मुसाफिर इक जिन्दाबाद रहा,। ज़िन्� read more >>
महसूस करा दूं ,एँ , जिंदगी तुझे , मुकाम बहुत गहरा है,मेरा ,यूं ही नहीं कोई मौत के घाट से ज़िन्दा लौट आया है,।। कविता पेटशाली ✌🏻🇮🇳💖 read more >>
मैंने, पहाड़ों को मुस्कुराते देखा है,। मैंने ,लोगों को बेवजह कतराते देखा है,। कितने अदभुत है ,अपने आप मैं ये ,पहाड़, मैंने पहाड़ के लोगो� read more >>
शिला पर नाम लिखा किसी ने कविता,अधुरा छोड़ दिया जो गुजरी मैं उस राह से , फिर लौटकर आना होगा वापिस इस मुकाम पर कहकर,शीर्ष मैंने पूरा किया,,। read more >>
जमीन पर देखने की आदत है, मुझे। आसमान खुद ही झांकता है, मुझे ,,।। कविता पेटशाली ♥️✌🏻 read more >>
कहां रहती है, मुलाकात याद,‌ यहां अच्छे लोग होश गवा बैठते हैं,। कविता पेटशाली 🙏🖋️📒 read more >>
इस मौत को बहुत करीब से देखा है , मैंने,। न ही यह मुस्कुराती हैं,न ही यह किसी को गले लगाती है, न ही यह किसी read more >>
मुनासिब नहीं मेरा किसी पर भी बरस जाना,। मैं उस पगडंडी पर ,बिना धाप किए चल रही हूं, जहां एक कांटा कुरेदता है , मेरी कदमों के तलवे को,मगर को read more >>
Join Us: