Poonam Mishra 30 Mar 2023 आलेख प्यार-महोब्बत जब यादें आती है तो बहुत सी भूली बिसरे पल याद आते हैं 34866 0 Hindi :: हिंदी
आज जिंदगी में पीछे मुड़कर देखा तो बहुत ही यादें मेरा पीछा करने लगी कुछ यादें तो मुझे सोने ही नहीं देती कुछ यादों को तो मैं दिन में एक बार अवश्य याद करती हूं जब यादों का सिलसिला शुरू हुआ कुछ अधूरे सपने दिखाई देने लगी तभी अचानक यादों के झरोखों में एक अधूरा खत मुझे दिखाई देता है जिसमें कुछ अधूरी ख्वाहिशें कुछ अधूरे सपने आज भी ऐसे ही पड़े हैं और उन में पड़े हैं मेरे आधे अधूरे मन ख्वाहिशें कहीं अधूरे पड़े हैं मेरे सपने कहीं कहीं अधूरे पड़े हैं मेरा मन आधा है तो आधा अधूरा तुम्हारा भी मन यहीं कहीं यादों के झरोखों में पड़ा है कितनी अजीब बात है ना इन अधूरी यादों के साथ मैं जीवन में बहुत ही आगे निकल आई हूं परंतु जीवन तो हमने जी लिया परंतु जो जीवन हमने चाहा वह तो नहीं जिया परंतु जो जीवन हमने जी लिया आधे अधूरे मन के साथ ही पूरा पूरा जीवन जी लिया अब सपने नहीं मुझे डराते हैं ख्वाहिशों की चाह भी नहीं रही स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा