Title :- कोई नहीं तुम जैसा है
जीवन मंच है अभिनय का ,
तो किरदार कहां तुम जैसा है
जीवन रण है गौरव का
तो वीर कहां तुम जैसा है
जीवन दमखम है दंगल क read more >>
बोझ !!
लेकर दिल मे, दिमाग मे,चिंताओं का बोझ!
जी रहा ईसान यहाँ, मर मर कर हर रोज !!
नहीं है यहाँ इलाज इस बोझ का !
साथ रहेगा यह, काम है इसका रोज का read more >>
मुझे तलाश है मंजिल की |
मैं बढ़ता हुँ अपनी मंजिल की ओर ,
फिर मन में ख्याल आता है ,
बढ़ रहा हुँ जिसे पाने के लिए ,
वो मेरी मंजिल नहीं |
फिर मैं म� read more >>
(1). सच कहा था तुमने कि
इस जहाँ में सारे पत्थर हैं
किसी को ज़ियादा अहमियत दो
तो आंकते ख़ुद से कमतर हैं
(2). ज़रा महसूस तो करो
मेरी तन्हाई की पी read more >>