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वफा
बहुत दूर तक जिंदगी में साथ निभाने का न दिखावा कीजिए जो आपके सुख दुख में शामिल है हमसफर बन के जो आपकी परवाह करते हैं पहले उन सब से तो
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रिश्ते
मुझे भी फिक्र रहती है रिश्तो की परंतु हम बोलते नहीं हैं क्योंकि मुझे रिश्तो के संग जीना है हम इन रिश्तो को तौलते नहीं है
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जिंदगी जीने के अंदाज
जिंदगी तो सभी जी रहे हैं कुछ को अपने मन के मुताबिक जीने का मौका मिला है। कुछ को दूसरों के मुताबिक । जीने का मजबूरी है। परंतु जी सभी र�
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जिंदगी
परेशान हो जाते हैं लोग मेरी खुशी देखकर क्योंकि मैंने किसी से अपनी परेशानी नहीं कहीं जो जैसे मिला मैंने उसे उसी तरह स्वीकार किया �
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एकता एक महाशक्ति
आओ अनेकता में एकता का, शुभ आह्वान करें। सभी समस्याओं का निदान, जादुई अंदाज में, यूं चुटकियों में करें। आओ अनेकता में एकता का, शुभ आह्व
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बहुत खलता है जब छोड़ना पड़ता है
बहुत खलता है जब छोडना पड़ता है अपना घर अपना आंगन भले ही हो वो शहर मे,या गांव मे धूप मे या घने जंगल की छांव मे पक्का पलस्तर चढ़ा हुआ या फ�
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गरीब मां स्त्री वाली
चंपारण गांव में ममता की एक छोटीसी स्त्री की दुकान थी| वह गांव के लोगों के कपड़े स्त्री किया करती थी और उससे जो भी कमाई होती वह उससे अपने
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सोच बदलो
अगर जीवन में कुछ बदलना है तो अपनी सोच बदलो जीवन में बदलाव जरूर आएगा अंधेरो में भी जलता हुआ दिपक मिल जायेगा निराशा,हताशा सब कुछ दुर हो �
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जन्म भूमि
जन्म भूमि तुझे बारंबार प्रणाम, जन्म भूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। जन्म भूमि जीवन में खुशियां, देती हैं अपार। जन्म भूमि के उपकार अन�
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पापा की दुआऐं ।
दुर गगन में एक तारा बनकर में चमकता रहता हूं तेरी राहों में हजारों उम्मीदों के दीप जलाकर ढेरो दुआएं देता हूं। दूर गगन में एक तारा बनक�
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अब और सवेरा क्या होगा
क्यों अब तक सोता है प्राणी अब और सवेरा क्या होगा तू खुद के ही दिल में बस न सका कहीं और बसेरा क्या होगा ✍️ Rajat Rohit Rajput
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खुद का सहारा बनो
कोई सहारा बने न बने, तुम खुद ही पतवार बन जाना दरिया का किनारा मिले न मिले तुम खुद ही तारणहार बन जाना ✍️ रजत रोहित राजपूत
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