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अंधेरो का कर सामना, तू रोशनी बन कर निकल, ख्वाबों को अपने बना सफर, तू मंज़िलों की राह चल । कर हौसले अपने बुलंद, खुद पे यकीं तू आज कर, फल read more >>
काली पहाड़ी का आखिरी घर उत्तराखंड की पहाड़ियों में एक छोटा-सा गाँव था—देवगढ़। गाँव इतना शांत था कि रात में हवा के चलने की आवाज भी साफ स read more >>
नूर को गुरुर मिले ऐसा कोहिनूर सबको मिले ।। read more >>
(Style: Modern Indipop / Upbeat & Inspiring) ​[Intro - Bass Heavy, Catchy Synth Melody] (धीमी आवाज में शुरुआत, फिर अचानक बीट्स बढ़ती हैं) Yeah... आँखों में ख्वाब, और पैरों में रफ़्तार, ये खेल है ख� read more >>
(वर्स 1 - रैप) रातों की नींदें उड़ाकर, जो ख्वाब सजाए हैं, वही तो आज दुनिया को राह दिखाते हैं। पैरों में छाले हैं, पर रुकना नहीं, मुश्किलों � read more >>
કાગળ ઉપર લખાય કે સિક્કા ઉપર વણાય, એવી વફાદારીની આ દુનિયામાં ક્યાં કિંમત જણાય? ​મિત્ર તો બસ એવો હોવો જોઈએ અંધારામાંય, જેના હોવાથી જ રસ read more >>
# ToolShala.in: छात्रों, फ्रेशर्स, फ्रीलांसर्स और क्रिएटर्स के लिए एक संपूर्ण डिजिटल ग्रोथ प्लेटफ़ॉर्म आज के डिजिटल युग में केवल जानकारी होन� read more >>
ToolShala.in: A Practical Digital Growth Platform for Students, Freshers, Freelancers, and Creators In today’s fast-moving digital world, students, job seekers, freelancers, and creators need more than just information. They need quick access to useful tools, career support, learning resources, and ready-to-use templates that help them work sm read more >>
शरद भूषण मोंगरा एक जाने-माने हिंदी कवि, गीतकार, लेखक और पटकथा लेखक हैं, जो मुख्य रूप से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री और हिंदी साहित्य जगत में स read more >>
चाट पीपनी ढोल और झूला रेलम रेला देखा था। हमने पिताजी के कंधों पर बैठ के मेला देखा। आइए गीतकार लेखक शरद भूषण मोंगरा की इन पंक्तियों � read more >>
भाग 20: चौथा अंतरा माधवी की आवाज़ कट गई थी, लेकिन उसका आखिरी वाक्य हवा में अटका रहा— “नाम मत पूछना… गीत पूछना…” मौन सराय के आँगन में सब read more >>
भाग 19: घुँघरू का रास्ता गंगा के किनारे आग बुझ गई थी, लेकिन धुआँ अभी भी हवा में था। गोदाम की काली दीवारों से राख झर रही थी। फायर ब्रिगेड � read more >>
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