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मतला: जिस दिन सफ़र का आख़िरी मोड़ आएगा, वो क़दम मेरा ही होगा। आज की धड़कनों को आज़ाद रहने दो, ये जीवन मेरी रूह का सपना होगा। शेर 1: भीड़ read more >>
खूबसूरत सी दुनिया में मासूम का इंतज़ार महीनो की तपस्या के बाद आँगन में किलकारी कीं बोछार हँसी ओर ख़ुशी से झूम उठता है माँ का मन जब होत read more >>
एक दिन मिले थे तुम हमसे , कुछ तो कहा था तुमने हमसे । पर क्या करे , हम नादान पंछी , बदल दिए अपनी राहो को तुमसे। कुछ दूर चले ही थे कि  याद � read more >>
#पतझड़ ये पत्तों की टहनियों से जुदा होने का मौसम है। तन्हा छोड़ उन्हें हवाओं में बह जाने का मौसम है। ये पतझड़ है। गम की नम आंखों से झांकत read more >>
YouTube से पैसे कैसे कमाएं 2025 — पूरी Step-by-Step गाइड YouTube आज की सबसे बड़ी online earning platform बन चुका है। लाखों लोग सिर्फ वीडियो बनाकर महीने के हजारों से लेकर � read more >>
बंशीधर की समाज सेवा समाज कभी-कभी लोगों को बहुत देर से याद आता है। कई लोगों के जीवन में वह तब याद आता है जब वह कुर्सी से उतर जाता है यानि read more >>
जब साँसें भी बोझ लगें, और हर कदम सज़ा लगें, तब समझ लेना— तू वहीं खड़ा है जहाँ से इतिहास बनता है। मंज़िल थकती नहीं, थकता सिर्फ़ हौसला ह� read more >>
रानी का जौहर होता आत्म सम्मान के लिए शत्रु के आगे... कभी समर्पण, कभी पर्दापण, उससे बचाव के रास्ते, कहाँ से लाएंगी बेचारी ? रोज़ रोज़ स� read more >>
मैंने देखा... अपने बापू को पसीने से लथपथ खेतों में काम करते हुए । हम ac की कूलिंग से घिरे, वो पसीने से भरे । मैंने देखा... अपने बापू को खेत� read more >>
बहुत सुन ली है लोगों की नसीहतें, चाहे जो भी हो जाए अब बनानी है शख़्सियत। दिल मेरा रहा, ना मेहरबानी है किसी पर, वो ख़ुद बनाए रखें अपना ज़े� read more >>
#खामोश_मंजिल ऊँचाई पर पहुँचकर शायद हवा पतली हो जाती है, साँसें चलती हैं पर अपनापन कम हो जाता है। नीचे भीड़ थी, शोर था, पर अपनो की एक आवा� read more >>
द्वारांगन समग्र पुकार का ! संबोधन वाणी का यही। चतुर्दिक पूर्णता से ओत-प्रोत, समस्त आशय का आश्रय यही। चिंतन की अथाह गहराई का, कुल माप � read more >>
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