किसी का हाल ना मालूम , किसी का बैहाल ना मालूम
मुझे दोखा दिया ऐसा, की खुद का हाल ना मालूम ।
दीवाना प्यार महोब्बत कर मुझे वो लूट रही थी और
ब read more >>
मेरा पहला प्यार है, मां का ही कर ध्यान।
मां से ही दुनिया चले, मां ही हैं सब ज्ञान।।
मेरा पहला प्यार है, मां से ही है हर्ष।
मां ममता की रू� read more >>
सज धज कर राधा चली, कृष्ण मिलन की प्यास।
लगती सुन्दर गजब की, उनसे ही है आस।।
सज धज कर राधा चली,यमुना तरनी पास।
रखी बसा मन श्याम को, मुरली � read more >>
(काहानी हागू चंद) दिनाकरन - 20-11-2022
एक दिन हागू चंद अपनी सुसराल में गया था। ओर वह जब अपनी सुसराल में पहुँचा तो जब खाना खाने लगा तो उसको सबसे � read more >>
कविता - ( खिलवाड़ )
वहशी ने किया शिकार !
हद कर दी सारी पार !!
मानवता हुई शर्मसार !
इंसानियत हुई तार - तार !!
शायद रोया होगा महाकाल !
नाम का तो र� read more >>