मेरी उम्र कुछ 6-7 साल की रही होगी
मेरे बचपन का एक वाक्य
आज भी मुझे याद हैं
कुछ ख़ास तो नहीं था हाँ बस अपने मुहल्ले में
एक बूढा था और एक कुछ read more >>
एक स्कूल की एक ही क्लास में पढ़ने वाले काफ़ी बच्चे थे । उनमें दो दोस्त थे, उनमें से एक था बलविंदर (बल्ली) जो पढ़ाई में बहुत होशियार था हर � read more >>
अक्सर याद आ जाता हैं वो बीता हुआ ज़माना,
तेरी प्यारी सी आवाज़ में भाई भाई बुलाना..!
वो स्कूल के लिए सुबह सुबह मुझको जगाना,
अब क्या करे बह� read more >>
पेड़ों का जीवन जैसे
मानव का जीवन ‌।
जब पेड़ों से पते
गिरने लगते हैं, तो
वह धिरे-धिरे अपने
वृद्धा अवस्था में
आने लगता है ।
और उनकी मृत� read more >>
बेटी अपनी मां से कहती है.... ये दिखवा क्यूं मां मेरे साथ माँ? मुझे घर की लक्ष्मी कहते हैं, देवी कहते हैं ना जाने क्या-क्या कहते हैं फिर मुझे read more >>