लेकर पंख सपनों के, आ पहुंची में मेहनत के देश। पर यहां लगता है पराया सा व्यक्ति हरएक। फिर एक झलक पीछे देखा, तो चुनौती से भरी राह को देखकर, � read more >>
बिप्ता आन पड़ी है बाबा, मेरी भी सुन लो ना बाबा थोड़ी सी खुशियां मेरे नाम भी करदो ना बाबा, ये दुआ मेरी काबुल कर लो ना बाबा, मेरी उम्मिद टूट � read more >>
भुला दो उसे जो तुम्हे आगे बढने से रोक रही हैं .. "
भुला दो उसे भी जो तुम्हे परेशान कर रही हैं ..."
भुला दो उस हर वस्तु को जो तुम्हे बर्बा� read more >>