आज कॉलेज गईं थी,
अपने क्लास में भी गई थी,
कुछ ख़ास तो बदला नहीं था,
दीवारे भी वही थी,
ईट भी वही थे,
पर फिर भी कुछ खाली खाली सा महसूस हो रह� read more >>
शीर्षक----सीख चुके थे
26/12/2022
जिंदगी को जहां फिर से जीना
सीख चुके थे l
हम यू छोटे-मोटे दर्द सहना
सीख चुके थे.
आंखों से जब दर्द के आंसू बहन� read more >>
ये जिंदगी की रफ्तार है साहब ये तो अपने हिसाब से चलता रहेगा
समय कैसा भी हो किसी का वो भी वक्त के साथ निकलता रहेगा
अगर कुछ करना है तो वक्त � read more >>
खुद से लड़ रही हूं,
दूसरो को खूब हसाती हूं, अब खुद को हंसाने की कोशिश कर रही हूं, जीवन के इस संघर्ष में, मै खुद से ही लड़ रही हूं।
भले ही सर read more >>