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काश हम भी थोड़े , खुदगर्ज बन जाते समय निकाल कर , अपने लिए भी थोड़ा - सा सोच लेते जिन रिश्तों के लिए , खुद का वजुद ही भूल बैठे थे वो एक पल के read more >>
कहीं जिद पूरी कही जरूरत भी अधुरी कहीं सुगंध भी नहीं कहीं पूरा जीवन कस्तूरी इसी का नाम है जिंदगी लिखना था कि खुश हैं तेरे बगैर भी यहां � read more >>
बेरूखी आपकी यूं तकलीफ देती रहें, तो सायद दिल की हर एक अल्फाज़ यूंही ग़ज़लों में तब्दील हो जाए। read more >>
आपकी खामोशी का भी क्या कहने, होंठ सीए भी बहत कुछ कह जाते हैं। read more >>
कविता -पैगाम वह नन्हा अबोध नासमझ को क्या पता! मां न रही अब दुनिया में, पर छुपाया गया उससे बिना कोई किए खता! वह आज भी भेजता है read more >>
लेकर कलम कागज़ हाथ में, एक नायक चले थे। तन पर नीला कोट एक, आँखों में लेके अरमान चले थे। कुनीति तोड़ने की पहल थी,लेकर भारत आज़ाद चले थे। � read more >>
फिल्मी दुनियां और असल दुनियां में जमीन आसमान का फर्क होता है ।हम फिल्मी दुनियां में जो देखते हैं ,करते हैं ,सुनते हैं वो सभी चीज फिल्मी read more >>
तुम्हें देखकर हम जीते हैं आजकल हर आहट से होती है दिल में हलचल तुम ही तुम हो हर घड़ी हरपल तुम्हीं से होती है मेरी दिन की शुरुवात ख़त्म भ read more >>
याद रखे जिस समय के थोड़े पल, तुम्हारे साथ गुजारे वह। छोड़ कर जा सकता दूसरे के हवारे।। वर्षों का विश्वास पल भर में टुक जाए, कहां गए ओ क� read more >>
खेत क्या टिम - टिमा रहें है खेत का क्या रुप रग सुरज सुबह - सुबह चमक रहाँ हैं हरियाली साई हुई है फुलो पर भमरे गुन गुना रहें है read more >>
★■★■★■★■ ★■★■★■★■★■★■★ ~~~💐*अंतिम ऋण चिता की लकड़ी..*💐~~~ 👌प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह👌 ★■★■★■★■ ★■★■★■★■★■★■★ 👏 क्या आप read more >>
Jab bhukh lagti hai pet ki aag jor pakadti hai to to kuchh bhi samajh me nahi ata Garibi aisi bimari hai ki jise pakad le uska to Jeevan hi nark sa ban jata hai agar aapke paas paise nahi hai to apka bhi man hamesa udas rahega jivan bekar sa lagne lagega chahe laakh pakvaan kha lo apka man nahi bharega Chehare ki chamak apne aap gayab ho ja read more >>
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