Shalini Singh 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद husband's false love for wife 28522 0 Hindi :: हिंदी
काश हम भी थोड़े , खुदगर्ज बन जाते समय निकाल कर , अपने लिए भी थोड़ा - सा सोच लेते जिन रिश्तों के लिए , खुद का वजुद ही भूल बैठे थे वो एक पल के लिए भी मुझे अपना समझने की भूल ना कर पाए काश हम भी थोड़े समझदार बन जाते........ उन झूठे मोहब्बत को समझ पाते ...... तो आज हम भी गम-ए-तन्हाई से दूर होते - ✍ शालिनी सिंह