NITESH Kumar 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम किसान कि मेनत 45525 0 Hindi :: हिंदी
खेत क्या टिम - टिमा रहें है
खेत का क्या रुप रग
सुरज सुबह - सुबह चमक रहाँ हैं
हरियाली साई हुई है
फुलो पर भमरे गुन गुना रहें है
_ नितेश कुमार