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मैं कुछ नाश्ता करने के बाद, मेट्रो से अपने दफ्तर जाता था। मैं मेट्रो गेट की ओर देखा, जहाँ वो छोला - कुल्चा वाला अपना ठेला लगाता था। तभी � read more >>
चिवचिव करनारी चिमणी दिसेनासी झालीय, घराघरात वावर नारी गेली कुठेय, आई च्या बाळाला गीत गायणारी चिमणी खरंच सांगा बाबा कुठे गेलीए चिऊत read more >>
अगर जिंदगी बदलना मेरे हाथ में होता, तो मैं सारे लोगों के दुःख दुर करती रोने वाले को खुशी देती, बेघर वाले को घर देती जिंदगी में जिसे दु� read more >>
मैं और मेरी तन्हाई... चंद लम्हो के लिए किसी के आ जाने पर ,कही छुप जाती है शायद ; मगर वफादार है , कभी खफा नही होती मुझसे नाराज नही होती ,क read more >>
हे विधाता ! ए तेरी मेहरबानी है,🙏 तूने अधूरी लिखी जो मेरी कहानी है । 🖋️.... तारीफ ए लब्ज़ यूं कुछ खास कही जाती हुं, कोई रंगीन सावन नही, पतझड� read more >>
टूटा हु टूटे है कुछ ख्वाब मेरे साथ जिंदगी ने किए हे मजाक मेरे साथ सवालों ने घेरे रक्खा है मुझको कोई आए जो ढूंढे जवाब मेरे साथ एक में � read more >>
क्या तेरी मुहब्बत के मुकाबिल नही हूं मैं क्यों आज तिरी वज्म मे शामिल नही हूं मैं। वो ख्वाब तुझे चैन से जीने नही देगा जिस ख्वाब में ते� read more >>
अहले हुस्न देकर खुद को कँगाल कर बैठे मुझ गरीब का इतना क्यों ख़याल कर बैठे। ऐसी वैसी तो कोई बात भी नहीं थी खांमखां तिरी बातों का मलाल क read more >>
kitane khushnasib Naseeb hote hain vo ladkiyan, Ek nahin do do man, baap ki shan sajate Hain jo ladkiyan. Hans ke sare gam sah jaate Hain jo, duniya mein Samman paate Hain vo ladkiyan. read more >>
हम सब लोग जानते है कि जल के बिना इस प्रकृति में जीवन की कल्पना नही की जा सकती। परंतु सबसे दुख की बात यही है कि इंसान के लिए आज इस प्रकृति � read more >>
मौसम के मिजाज, आज कुछ बदले बदले से लगते हैं...!! जहां धूप की तपिश थी, हर जगह छांव ही छांव दिखते हैं...!!!! अजय आनंद सुल्तानगंज भागलपुर बिहार read more >>
तुम मेरी होती , सोचते हैं हम कभी...!! बहते हुए तेरे नैनों से अश्रु, पोंछ कर दे पाता , तुझे हम खुशी..!!! अजय आनंद, सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार read more >>
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