मुझे आजकल न जाने क्यों ?
वह शहर .वह मोहल्ला ,वह गली, याद आती है !
मैं .जब भी अपने घर के बालकनी में खड़ी होती हूं !
मुझे अपना वह छोटा सा शहर य� read more >>
⭐ कविता = ( अदाकारी )
सीख न पाया मैं अदाकारी !
मेरी गलती मुझ पर भारी !!
मेरे ख़ूॅं में नहीं ग़द्दारी !
मिली विरासत में ख़ुद्दारी !!
अब चला दौ read more >>
हे प्रभु, हम भक्त हैं दीवाने तेरे नाम के,
गाते हैं गुणगान हमेशा तेरे ही काम के ।
दुनिया में रहूँ या फिर मर जाऊँ तेरे धाम पे,
पैगाम मेरा क� read more >>