बच्चें मन के सच्चे...
बचपन में याद है …..
अब इस तरह का आशीर्वाद कम ही मिलता है…..
जब कोई रिश्तेदार व परिवार वाले हमारे घर आते थे
तब फल व ख� read more >>
ऐ मेरे हमसफर...
ऐ मेरे हमसफर तुम लोट आओ ना...
देखा था जब पहली दफा तुम्हे,
तब होश खो दिया था हमने।
चाहा था तुम्हे गले लगा लू,
बाहों में छुपा � read more >>
धूप सुनहरी धूप,
पल-पल बदले अपना रूप।
उठ कर निकलो घर से,
बैठे न रहो डर से।
धूप की रौशनी से बन जाए नया सफर,
हो जाए सुहानी सेहत की डगर।
जिंदग read more >>
लोग कहते हैं शहर में फिर से बरसात हो रही है
किसीसे ये मत कहना कि यह प्रकृति मेरे साथ रह रही है
एक कहानी थी जो अधूरी रह गई थी कभी
तनहा ही स read more >>