बादलों में छुप छुप कर चांद !
मुझे सपने दिखाता क्यों है?
चांद की चांदनी! दूर-दूर तक
बिखर कर मेरे सपनों को !
जगाती क्यों है ?
निराशा के बाद� read more >>
कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है..। read more >>