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थोडे़ पंख लगा दो
उन मोतीयों की भी मालाऐ बना दों । जो यूहीं बेकार मे बिखरे है। जमीन पर इतना है। हुँनर तुम मे, अपनी मेहनत से इस बंजर पे, फूल खिला दो ।
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तकरार व दोस्ती की कहानी
चित्रलेखा देवरानी व जेठानी का तकरार व दोस्ती की कहानी हाल ही में चित्रलेखा व जेठानी में तकरार हुई, उन दोनों में मामूली सी बात पर हुई �
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किसमत ने मेहनत से कहा
किसमत ने मेहनत, से कहा, छोड़ दो। मैं तेरे बस की नहीं। मेहनत ने किसमत, से कहा। चल झूठी, ईतनी तेरी औकात नही।
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जाने वालों ज़रा मुड़ के देखो हमें
जाने वालों ज़रा- मुड़ के देखो हमें, जाऊंगा छोड़कर शहर तेरा ना कभी, फिर मिलूंगा- मिलकर जाना मुझे, तेरे ही दिल की बगिया में मिला दूंगा
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दर्द उठा क्यों है
दिल में एक दर्द सा उठा क्यों है? दिल ने किसी को याद किया क्यों? है हर तरफ महफिल में तुम्हारे ही चर्चे हैं ! तुम्हारे नाम के चर्चे से दिल
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दरिया ज़िंदगी का
दरिया ज़िंदगी का- मैं गोता लगाता गया लगाता गया- और डूब इतना गया, जब होश संभाला तो अपने को परंम- आनंद के सागर में पाया मेरे चित् - में
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परमानंद के आगोश में था
जीवन की- धारा में बहता गया,, कुछ इस- तरह से बहता चला गया, उस जहां में छलकते जाम अमृत रस से भरे पड़े थे मैं परमानंद के आगोश में था..!! -मोती
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साक्षरता से भी आर्थिक विकास में सहायता मिलती है
साक्षरता से भी आर्थिक विकास में सहायता मिलती है। इंग्लैंड, अमेरिका तथा जापान आदि देशों मैं शत _प्रतिशत व्यक्ति साक्षर हैं। किन्तु भा�
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अब वो भी नजरें चुराने लगे
अब वो भी नजरें चुराने लगे मुर्शद जो कभी कहते थे तुम बिन जिया तो फिर क्या जिया
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जिस शख्स के सिवा मुझे कोई दूसरी चाह नहीं है
मेरे आंसुओं की उसे परवाह नहीं हैं जिस शख्स के सिवा मुझे कोई दूसरी चाह नहीं है #गोपाल_पंडित
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हे नीली छतरी वाले- हे शिव गुरु तू जगत का
हे नीली छतरी वाले- हे शिव गुरु तू जगत का, करतार तू ही सबका तारणहार तेरी यह दुनिया- तुझसे छुपी कहां है, तू ही जाने तेरी अद्भुत कहानी मै
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बेसुध बहे संसार सागर की धारा
बेसुध बहे- संसार- सागर की धारा! बेसुध बह जाता- वह जो संभलना पाता सत्य की धारा- माया भी बहती जाती अमृत की धारा- विष भी बहती जाती जो र�
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