नारी ज्योति व ज्वाला...
दो प्रकार के नारी होती है, एक सुघड़ आदर्श नारी और फूहड़ नारी, सुघड़ नारी अपनी सहनशीलता, विवेक, धैर्य, संयम, मधुर भाषा � read more >>
"सती" जिसका नाम सुनते ही रूह काँप जाती है, बदन का रोयाँ-रोयाँ खड़ा हो जाता है, दिल में एक अलग तरह की सनसनी पैदा हो जाती है, हम यह सोच भी नहीं read more >>
आदेश कहाँ...! प्रार्थना विनत करती थी,
मैं भी ज्यों त्यों निज सुख ढूंढा करती थी,
मुझ जैसी भाग्य बली का भी क्या ही कहना,
मौसम कोई भी हो संघर् read more >>
संघर्ष ही जीवन
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती लोहे की धार...
घिस घिस � read more >>
_कभी हँसते हुए छोड़ देती है" ये ज़िन्दगी!!_
_कभी रोते हुए छोड़ देती है " ये ज़िन्दगी!!_
_"न पूर्ण विराम सुख में...._
_"न पूर्ण विराम दु:ख में..._
_बस � read more >>