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(दोहा छंद) रहे सितारे दृढ़ सदा,झिलमिल रहती शांति। अपनी अपनी धारणा,वैसी ही हो कांति।। अपनी अपनी धारणा, अपनी अपनी चाल। वैसा ही परिणाम ह� read more >>
(दोहा छंद) मिले खुशी तब आपको, जीवन भर हो प्यार। अपनी अपनी धारणा,रखें हृदय उदगार।। अपनी अपनी धारणा,वैसी ही हो कांति। रहे सितारे दृढ़ सद read more >>
दोहा छंद) अपनी अपनी धारणा,से चलते हैं लोग। चाहत को जो जन रखे,करते हैं सब भोग।। अपनी अपनी धारणा, अपनी अपनी राग। समझे जो सब मर्म को,पाते � read more >>
(दोहा छंद) हरदम रखिए सादगी, खोए कभी न भोर। दो दिन के मेहमान है,जीवन का यह डोर।। दो दिन के मेहमान हैं,हम सब सारे जीव। रखिए उलफत पास में,मि read more >>
(दोहा छंद) जीवन का कुछ लक्ष्य है, जिसमें भरें प्रकाश। दो दिन के मेहमान सब,होते नहीं निराश।। दो दिन के मेहमान है,जीवन का यह डोर। हरदम रख read more >>
(दोहा छंद) दो दिन के मेहमान सब,होते नहीं निराश। जीवन का कुछ लक्ष्य है,जिसमें भरे प्रकाश।। दो दिन के मेहमान है,जीवन का यह डोर। हरदम रखि� read more >>
दोहा छंद) खूब जिन्दगी है मिली,बनें भव्य इंसान। इसका रखना मान है,दो दिन के मेहमान।। दो दिन के मेहमान सब,होते नहीं निराश। जीवन का कुछ लक read more >>
(दोहा छंद) करिए कभी गुमान मत, दो दिन के मेहमान। जीवन में जब शान हो,करते याद जहान।। खूब जिन्दगी है मिली,बनें भव्य इंसान। इसका रखना मान ह� read more >>
(दोहा छंद) आमद बढ़िया है हुई, सभी हुए गुलजार। बदले बदले लग रहे,अपना ही परिवार।। बदले बदले लग रहे,अल्हड़ सी यह रात। तारे भी आकाश में,करत� read more >>
(दोहा छंद) बदले बदले लग रहे,वातावरण मिजाज। फिर भी दिल को चैन है,हृदय हुआ है बाज।। बदले बदले लग रहे,रंग भरी यह शाम। रौनक है बाजार में,जगह read more >>
(दोहा छंद) बदले बदले लग रहे,मौसम क्यों है आज। गरमी में कर के मजे,सबको है नव नाज।। बदले बदले लग रहे,वातावरण मिजाज। फिर भी दिल को चैन है,ह� read more >>
(दोहा छंद) अति का अंत करीब है,उत्तम मध्यम मार्ग। सदा रहे जो मध्य में,प्राण संगीत गार्ग।। अति का अंत करीब है,बड़ा द्रव्य संतोष। जिससे प read more >>
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