[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Latest Updates
Home
Category
Latest Updates
रहे सितारे दृढ़ सदा-झिलमिल रहती शांति
(दोहा छंद) रहे सितारे दृढ़ सदा,झिलमिल रहती शांति। अपनी अपनी धारणा,वैसी ही हो कांति।। अपनी अपनी धारणा, अपनी अपनी चाल। वैसा ही परिणाम ह�
read more >>
मिले खुशी तब आपको-जीवन भर हो प्यार
(दोहा छंद) मिले खुशी तब आपको, जीवन भर हो प्यार। अपनी अपनी धारणा,रखें हृदय उदगार।। अपनी अपनी धारणा,वैसी ही हो कांति। रहे सितारे दृढ़ सद
read more >>
समझे जो सब मर्म को-पाते हैं अनुराग
दोहा छंद) अपनी अपनी धारणा,से चलते हैं लोग। चाहत को जो जन रखे,करते हैं सब भोग।। अपनी अपनी धारणा, अपनी अपनी राग। समझे जो सब मर्म को,पाते �
read more >>
हरदम रखिए सादगी-खोए कभी न भोर
(दोहा छंद) हरदम रखिए सादगी, खोए कभी न भोर। दो दिन के मेहमान है,जीवन का यह डोर।। दो दिन के मेहमान हैं,हम सब सारे जीव। रखिए उलफत पास में,मि
read more >>
जीवन का कुछ लक्ष्य है-जिसमें भरें प्रकाश
(दोहा छंद) जीवन का कुछ लक्ष्य है, जिसमें भरें प्रकाश। दो दिन के मेहमान सब,होते नहीं निराश।। दो दिन के मेहमान है,जीवन का यह डोर। हरदम रख
read more >>
जीवन का कुछ लक्ष्य है-जिसमें भरे प्रकाश
(दोहा छंद) दो दिन के मेहमान सब,होते नहीं निराश। जीवन का कुछ लक्ष्य है,जिसमें भरे प्रकाश।। दो दिन के मेहमान है,जीवन का यह डोर। हरदम रखि�
read more >>
खूब जिन्दगी है मिली-इसका रखना मान
दोहा छंद) खूब जिन्दगी है मिली,बनें भव्य इंसान। इसका रखना मान है,दो दिन के मेहमान।। दो दिन के मेहमान सब,होते नहीं निराश। जीवन का कुछ लक
read more >>
करिए कभी गुमान मत-दो दिन के मेहमान
(दोहा छंद) करिए कभी गुमान मत, दो दिन के मेहमान। जीवन में जब शान हो,करते याद जहान।। खूब जिन्दगी है मिली,बनें भव्य इंसान। इसका रखना मान ह�
read more >>
आमद बढ़िया है हुई-सभी हुए गुलजार
(दोहा छंद) आमद बढ़िया है हुई, सभी हुए गुलजार। बदले बदले लग रहे,अपना ही परिवार।। बदले बदले लग रहे,अल्हड़ सी यह रात। तारे भी आकाश में,करत�
read more >>
हृदय हुआ है बाज-फिर भी दिल को चैन है
(दोहा छंद) बदले बदले लग रहे,वातावरण मिजाज। फिर भी दिल को चैन है,हृदय हुआ है बाज।। बदले बदले लग रहे,रंग भरी यह शाम। रौनक है बाजार में,जगह
read more >>
बदले बदले लग रहे-वातावरण मिजाज
(दोहा छंद) बदले बदले लग रहे,मौसम क्यों है आज। गरमी में कर के मजे,सबको है नव नाज।। बदले बदले लग रहे,वातावरण मिजाज। फिर भी दिल को चैन है,ह�
read more >>
अति का अंत करीब है-बड़ा द्रव्य संतोष
(दोहा छंद) अति का अंत करीब है,उत्तम मध्यम मार्ग। सदा रहे जो मध्य में,प्राण संगीत गार्ग।। अति का अंत करीब है,बड़ा द्रव्य संतोष। जिससे प
read more >>
« Previous
Next »
Showing
6181
to
6192
of
17335
results
‹
1
2
...
513
514
515
516
517
518
519
...
1444
1445
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder