Ujjwal Kumar 04 Jul 2023 कविताएँ समाजिक Fir kaise mera bharat mahan,corporation leader poem write by-ujjwal kumar 51946 1 5 Hindi :: हिंदी
फिर कैसे मेरा भारत महान 100 में 99 है बईमान... सच बताओ देशवासियों क्या यही रह गई है हम सब की पहचान, वैसे तो हर शख्स देता है, भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्ञान, पर फिर भी भ्रष्टाचार देख और सुन, बंद ही रखता है अपना, मुंह, आंख और कान, सच में मेरे देश का हर भ्रष्टाचारी है महान, और ऐसा ही रहा तो एक दिन खो ही जाएगा हमारे देश का सम्मान.... फिर कैसे मेरा भारत महान। 🖊युवा रचनाकार ✍उज्ज्वल कुमार
3 years ago