[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Latest Updates
Home
Category
Latest Updates
अपने जज़्बातों को मैं यहां अंकित कर रहा हूं
(मुक्तक छंद) अपने जज्बातों को मैं यहां अंकित कर रहा हूं। मोती जैसे अल्फाजों से दास्तान लिख रहा हूं। जिन्दगी सु:ख_दुःख का एक अद्भुत संग
read more >>
अधरों की मुस्कान है-जीवन में वरदान
(दोहा छंद) अधरों की मुस्कान है, जीवन में वरदान। राहत मिलता है सदा, बढ़ता है तब मान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपु�
read more >>
मन में देते चैन को-जैसे हो अभिमान
(दोहा छंद) अधरों की मुस्कान की, दिल से हूं कद्रदान। मन में देते चैन को, जैसे हो अभिमान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्त
read more >>
सुर्ख गाल पर तिल रहे- अधरों की मुस्कान
(दोहा छंद) सुर्ख गाल पर तिल रहे, अधरों की मुस्कान। गोरी लगती गजब है, धरा धाम की आन।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(
read more >>
अधरों की मुस्कान से-मन में होता हर्ष
(दोहा छंद) अधरों की मुस्कान से, मन में होता हर्ष। मन करता कुछ भेंट दूं,करती है आकर्ष।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्ती�
read more >>
अधरों की मुसकान पर-दिल होता कुर्बान
(दोहा छंद) अधरों की मुस्कान पर, दिल होता कुर्बान। उसको अपना जान कर, बना लिया हूं जान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्ती�
read more >>
कितना सुन्दर रुप हैं घनश्याम का-दो गजराले नैना तिरछी नजरिया
कितना सुन्दर रुप हैं घनश्याम का, दो गजराले नैना तिरछी नजरिया, मोर मुकुट कानों में कुण्डल, होंठों पर लाली हाथों में मुरलिया। जय श्री क�
read more >>
तेरा जमाना है गोपाल प्यारे-सबके मन भाये कैन्हया दुलारे
तेरा जमाना है गोपाल प्यारे, सबके मन भाये कैन्हया दुलारे, गैया चराये,मुरली बजाये, सब करे तुझसे प्यार सांवरे।
read more >>
पग पग पर बाधा मिले- फिर भी बन इन्सान
(दोहा छंद) जीवन जीना है कला, राह नहीं आसान। पग पग पर बाधा मिले, फिर भी बन इन्सान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे
read more >>
रात दिवस बीते सदा-मिलते सिर्फ निशान
(दोहा छंद) मंजिल मिले तलाश से,राह नहीं आसान। रात दिवस बीते सदा, मिलते सिर्फ निशान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपु�
read more >>
मानव उत्तम योनियां-जिसमें भरे निदान
(दोहा छंद) जन्म मरण के खेल का, राह नहीं आसान। मानव उत्तम योनियां,जिसमें भरे निदान ।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीप�
read more >>
जीवन में कष्ट नित-राह नहीं आसान
(दोहा छंद) जीवन में हैं कष्ट नित, राह नहीं आसान। सुख दुख को है झेलना, तब मिलते हैं मान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्ती
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5629
to
5640
of
17340
results
‹
1
2
...
467
468
469
470
471
472
473
...
1444
1445
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder