एक हसरत-
मन में उठी,
जब से तुम्हें देखा है,,
ये आया-
चैन दिल को,
जब से तुम्हें देखा है,,
सुकून में-
गुज़रते अब हर पल,
जब से तुम्हें देखा � read more >>
#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
मुझ पर यह अहसान कर, मुझ से कर ले प्यार।
और करो अधिकार भी, बनकर यूँ दिलदार।।
मन से मन को मेल क� read more >>