है बेबसी में लिपटी, मेरी ये जिंदगी है ।
आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।।
-----------------------------------------------
------------------------------------------------
अंधेरों read more >>
ऐ जीवन के थके मुसाफिर,
बढ़ चल मंजिल अब दूर नहीं ।
कर्म करे फल ना पाये,
ये प्रकृति का दस्तूर नहीं ॥
------------------------------------------------------------------------------------- read more >>
ऐ जीवन के थके मुसाफिर,
बढ़ चल मंजिल अब दूर नहीं ।
कर्म करे फल ना पाये,
ये प्रकृति का दस्तूर नहीं ॥
---------------------------------------------- read more >>
जब कोई इंसान जीवन कि असल सचाई जान लेता या में कहूँ पूर्ण रूप से अपने आपको जान लेता है। और सचाई के मार्ग पर चलता है तो कुछ लोगों को यह बात � read more >>
यह सवाल कही ना कहीं हम सब से जुड़े है
(1) ना जाने समय के साथ बच्चों को अपने माता -पिता बोझ क्यों लगने लगते है जिस माँ ने हमें जन्म दिया आज उ read more >>
गढ़ की मान बचावन की खातिर,
सिर कटा लेगा देश को वीर,
अंगारों पर भी हसते हसते चल लेगा,
मारे गढ़ री तो एक ही शान |
मुछ नहीं रखी मर्द कैसा,
यह � read more >>
आज के समय में हर व्यक्ति के मित्र होते है, आधुनिकता के इस दौर में पुरुष की महिला व महिला के पुरुष भी मित्र होते है। मिथुन अनुरागी की यह क� read more >>