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प्रेम का स्पर्श
*!! प्रेम का स्पर्श !!* 💐प्रस्तुतकर्ता- सपनों का सौदागर... करण सिंह💐 *सदैव प्रसन्न रहिये।* *जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।* ट
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🤝 गंगाजल 🤞
मन मथुरा सा दिव्य धरोहर, और धाम वृन्दावन हो! हो अचल धार का भार समाहर , और द्वारका पावन हो!! ले चली ज्ञान कि शुद्धा पिलाने,
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जिम्मेदार हो गए है
अब न कोई गैर चाहिए न कोई खास चाहिए न कोई सवाल चाहिए न कोई जवाब चाहिए न कोई मित्र चाहिए न कोई दुश्मन चाहिए क्योंकि अब..... हम खुद से ही खु�
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शून्य
⭕उस शून्य तक जाना है जहां सब शून्य हो जाता है।⭕
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उड़ना बाकी है
कुछ खुद को लिख चुकी हूं कुछ खुद को पढ़ना बाकी है पंख फैलाए बैठी हूं कब से बस उड़ना बाकी है।
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घमण्ड
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* 👇👇👇 घमण्ड *कहानी आपको कैसी लगी जरूर बताएं। शेयर ऑन व्हाट्सएप* 💐💐💐💐 🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹 *🌸👉🏿घमंड नहीं करना चाहिए* .👇👇�
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✍ गंगा का जल 🙏
कल - कल - कल - कल , कल - कल - कल - कल! कल - कल करती है ज्ञान धरा, मन मे विस्मीत जहां शिष्ट विवेक!! खिलती है प्रतिष्ठा शिक्क्षा कि,
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निशा
भूख में बासा भात , स्वादिष्ट व्यंजन है। वही तृप्ति में बेस्वाद। सवेरे का अनवरत होना, जिंदगी का रुकाव है। दुख में चिंतन का पर्याय, खाम
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पछतावा
अपना ईमेज ऐसा रखो कोई तुम्हे अगर धोखा दे, तो उस धोके का उन्हें पछतावा मिले|
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दो पत्ते
💐प्रस्तुतकर्ता- सपनों का सौदागर.... करण सिंह💐 *💐💐दो पत्ते 💐💐* 👇👇👇 गंगा नदी के किनारे पीपल का एक पेड़ था। पहाड़ों से उतरती गंगा पूरे वे�
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दिसम्बर में
खल बली सा मच गया मेरे मन के अंदर में कोई ढूंढता होगा ज्ञान को कलंदर में मेरे पिता की मेहनत ने मेरी आँखे खोल दी जब पसीने से भिगा हुवा देख
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आप
मनुष्य जैसा है वैसा रहना चाहिए
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