आदमी की औकात...
एक माचिस की तिल्ली,
एक घी का लोटा,
लकड़ियों के ढेर पे,
कुछ घण्टे में राख.....
बस इतनी-सी है,
आदमी की औकात !!!!
एक बूढ़ा बाप शा read more >>
आखिर वहां जाकर क्या कहोगे ,,,,,,
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हर इक सामान लौटाना पड़ेगा,
यहीं सब छोड़ कर जाना पड़ेगा,
यहाँ झूठी गवाही लाख � read more >>
माँ की दवाई का खर्चा,
उसे मज़बूरी लगता है
उसे सिगरेट का धुंआ,
जरुरी लगता है ||
फिजूल में रबड़ता ,
दोस्तों के साथ इधर-उधर
बगल के कमरे में, � read more >>