जब आप ऊंचाइयों का शिकार चढ़ते हो तब दूर के लोग ताली बजाते हैं और पास के लोग आपके गिरने का प्रार्थना करते हैं और जब आप ऊपर चले जाते हो तब व read more >>
खामोश थे ,शब्द उसके
छाई थी! उदासी ,सी
पास बैठ थे!
हम भी,
पर उसे ,पता नहीं !
ये क्या कोई दर्द था ,
या दिल्लगी
तब से हम भी,
ये ही सोच रहे है! read more >>
बचपन आज यह सोच रहा
कहाँ खो गया आज वो
खुद अपने को खोज रहा
बस्तो के नीचे दबा हुआ
सोने के समय जगा हुआ
भाग दौड़ के इस समय में
वो समय के पीछे खो read more >>