मेरे पुत्र कार्तिक बंसल को समर्पित मेरी यह रचना
कविता = ( कल की कहानी )
तुझमें अपना बचपन देखा !
तुझमें अपनी जवानी !!
तुझमें गुजरा कल है द� read more >>
सत्य चमकता है सितारों में कहीं उसकी रोशनी बयां करती है ,है वजूद उसका आसमां में कही। ********सत्य चमकता है सितारों में कहीं दूर होते हैं सित� read more >>