मैं जब भी लिखने बैठती हूं तो यही सोचती हूं कि मैं वही लिखो जो मुझसे और मेरी सोच से जुड़ा हुआ हो जिससे मैं और मुझसे जुड़े लोग भी बहुत ही ज् read more >>
अगर झुकता नहीं चरणों में, यूं ही सर किसी के तो।
तो जाओ दर पे दाता के, झुकाना सीख जाओगे।
अगर मुस्कान लानी है, किसी के‌ चेहरे पे तुमको।
त� read more >>