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जग के माया जाल
जग के माया जाल में, सभी लगे हैं आज। सुख सुविधा के खोज में, भरते हैं परवाज।। जग के माया जाल का,लम्बी है दास्तान। सदियों से उलझे सभी,कोई न�
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मुक्तक _छंद
जन्मभूमि में स्वर्ग है, उनके सब संतान। जहां बड़े होते सभी,बनते हैं इंसान। ममता अति रखती सदा,करती निर्मल प्यार_ पाले सबको ही सदा, रखती �
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मत प्रचार
यूं गली मोहल्लों में जो घुम रहे हो पांव पकड़ कर मुस्कुराते हुए बोल रहे हो 'मुझे जिता दो में तुम्हारा ख्याल रखूंगा ' और इसी कारण ही लाखो�
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*प्रेरणास्पद कहानी..✍🏻* 💐*संघर्ष में छिपा रहस्य*💐 🎊सपनों का सौदागर......करण सिंह🎊
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ *प्रेरणास्पद कहानी..✍🏻* 💐*संघर्ष में छिपा रहस्य*💐 🎊सपनों का सौदागर......करण सिंह🎊 ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ 👌 *एक �
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शेर
मै वो परछाई हूं जिसे पहचानना मुश्किल है मेरा वो दिल है जिसे भुलाना नामुमकिन है... प्रिय भांजे भोला सिंह
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प्रेम परमात्मा
प्रेम सु जिंदगी, प्रेम मे राम ! प्रेम ही जिंदगी के सब सुखों का नाम!! मिले सतगुरु इतना ! प्रेम में रहे उतना!! ऐसा भाग मेरा, सतगुरु मिले राम! �
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"पवित्र प्रेम"
जेहन में समाया है, रुखसत के वो पल। लहरों में बहाता हूं, मैं तन्हा-यादों को। नाकामयाब हूं, बसी है याद तेरी इस तरह। जैसे-खुदा की इबादत।।
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इक अजीब सा नसा है
उनकी आँखों में ,इक अजीब सा नसा है सराब कि तो जरूरत ही नहीं है, उसे देखकर ही मधहोस् हो चला है ✍✍✍💞💞💞💞💯💯💐💐💐💐
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नारी शिक्ष|
देखो मत अब देर लगाओ फौरन यहां दौड कर आओ रुके काम को आगे बढाओ नारी को शिक्षित सबल बनाओ जितनी देर इस काम में होगी उतनी हानि इस देश की होग
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शायरी
दिन महीने साल गुजरे गुजरे साल अनेक साल गुजरे पर संदेश न आई नम है आंखे जिसकी राह देख। ्
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शायरी
मिलन धरती से अम्बर का कहीं मिलकर भी अधुरा रह गया दीपक जल के सबको रौशनी देते हुए भी खुद अंधेरे में रह गया।
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शायरी
जलती रेत की साहारा(मरूभूमि) में पानी की इक बुंद अमृत बनगई बरस के मन में वसंत का इन्तजार या तो कोई कविता या काहानी बन गई।
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