बड़े भाग्य की बात है, मातु पिता हैं साथ।
खुशियां घर में नित रहे, गौरव मय है माथ।।
बड़े भाग्य की बात है, मनुज वंश में जन्म।
सदा धरा पर है � read more >>
शीर्षक (रह जाने दो।)
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर)
रहने दो मेरे दिल कि बाते,
मेरे दिल में ही रह जाने दो।
उन्हें कुछ पल और मेरे साथ बितान� read more >>
*365 पेज की किताब*
हमारी जिंदगी एक पाठशाला है, और हमारी जिंदगी का हर वर्ष 365 पेज की एक कोरी किताब, जिसे कैसे भरना है, ये हमें तय करना है,
किसी � read more >>
*छत्तीसगढ़ी प्रतीकात्मक बालगीत*
*1- ( अटकन )*
अर्थ-
जीर्ण शरीर हुआ जीव जब भोजन उचित रूप से निगल तक नहीँ पाता अटकने लगता है--
*2- ( बटकन )*
अर्थ-
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