[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
मंक्षिका
एक मक्षिका नेहमीच तिच्या चेहऱ्या भवती तिला त्रास देते , आणि रोगाची साथ माझ्या हृदयात पसरते. बरोबर फुलांवर बसलेल्या भौऱ्या प्रमाणे ,
read more >>
बढ़ना है तो झुकना सीखो
बढ़ना है तो झुकना सीखो लोगों से नहीं रे बुद्धू परिस्थितियों से लड़ना सीखो सुनना सीखो सुनना सीखो हर पाड़ हराना है तुझको तू पीठ में इत�
read more >>
मनगट
काळ पहिल्याचाच छान होता जेव्हा उंबरठा मुलींसाठी भिंती समान होता , तो काळ देखील महान होता . बाहेर निघूनही केलच काय ? बळी गेल्या आणि उग
read more >>
आंकड़ा
शहर में विस्फोट के, सुनो समाचार। अलग-अलग जगह बम फटे, बम फटे दो-चार चालीस के चिथड़े उड़े, मृतक सौ के पार। साठ इलाज दौरान मरे, आंकड़े ज�
read more >>
अनमोल दोहे
सुख दुख तेरे हाथ हैं, जग के सिरजनहार। आप चला जैसा रहे, चलता है संसार।। सुख दुख तेरे हाथ हैं, जग के तारणहार। मेरी ग़लती माफ़ कर, करिए �
read more >>
संस्कृति में बदलाव
*कविता* * संस्कृति में बदलाव * पिता ,पापा और डेड से हो गये हैं अब पाप्स मां ,माता और मम्मी से हो गई हैं अब मोम। पश्चिमी शब्दों के चलन
read more >>
प्रेमी की अभिलाषा
उसके जूड़े का बनूं, यदि मैं बन फूल सकूं। रेशमी जुल्फ़ों की महक से, अपनी महक भूल सकूं। आंसू बनूं उसकी आंखों का, नीली आंखों में घर कर सक
read more >>
खुशहाल रहो
मेहसुस होता है अक्सर हमें जब कभी तुम परेशान होते हो धड़कने दिल की तेज हो जाती है जब कभी तुम उदास होते हो। सुना है तुम्हें कहते बस यही
read more >>
"मैंने इस दुनिया का इतिहास बदलते देखा है"
मैंने इस दुनिया का इतिहास बदलते देखा है, मैंने इस दुनिया का भूगोल बदलते देखा है, जिसको था ऊंचा-ऊंचा गुमान स्वयं पर, मैंने उन ऊंचो- ऊंचो
read more >>
"मैंने इस दुनिया का इतिहास बदलते देखा है"
मैंने इस दुनिया का इतिहास बदलते देखा है, मैंने इस दुनिया का भूगोल बदलते देखा है, जिसको था ऊंचा-ऊंचा गुमान स्वयं पर, मैंने उन ऊंचो- ऊंचो
read more >>
फटेहाल जिंदगी
ये शाम ढलेगी । फिर,सवेरे की तलाश में देख बुलंदी ,तुझे तेरा शिखर ,कल मिलेगा ।। फिक्र ना कर फटेहाल जिंदगी का रोना अभी और चलेगा।। तेरी �
read more >>
इंसानियत शर्मसार हुई...
नमस्ते दोस्तों आज फिर एक बार इंसानियत शर्मसार हुई .....! नारी की अस्मिता तार- तार हुई ...!! चीखें उसकी खामोश हुई...! खुद को बचाने की हर कोशिश �
read more >>
« Previous
Next »
Showing
997
to
1008
of
7097
results
‹
1
2
...
81
82
83
84
85
86
87
...
591
592
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder