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*कविता* *जाना खाली हाथ* मुठ्ठी बांध कर आये हैं जाना खाली हाथ संग नहीं कुछ जाएगा छूट जाएगा साथ। जिंदगी भर हम सब यहां करते हैं खूब read more >>
प्रीति_प्रीति प्रीति है इस जहाँ से, प्रेम और श्रधा भी है। निर्मल हृदय मचल_ मचल कह रही है, थोड़ा और जीने दे मुझे। बहुमूल्य जीवन � read more >>
संसार की दुश्चिंताओं को क्यों तोड़ रही आशाओं को खुल कर जीने का दंभ है मेरा फिर अकुलाहट क्यों बाधाओं को। ये समर मेरा अपना है रूक कर क� read more >>
यह दुनिया, है भ्रम का टपरा। वरना मनुज, है मिट्टी का कमरा। भ्रम ही तो है, जिस पर टिकी है धरा। भ्रम का ही खेल है, पर-परा। तेरा, मेरा, सबक� read more >>
Mere jivan me for se eak tufan aya Chhin kar khusiyo ko dukhe ka bhandar laya Kya kusur tha mera jo dero musibte eak sath laya Sok the mere unhe pura karne ka junun tha Khusi ya thi sari jivan me sukun tha read more >>
तुमसे बिछुड़े तो तुम्हारी , यादों के गीत गाने लगे । भीतर भीतर रो रोकर ऊपर से मुस्काते थे , दूर अ� read more >>
क्रिसमस आया क्रिसमस आया, आकर के नई खुशियां लाया। बच्चे हैं उत्सुक इतने, अब मिलेंगे उपहार कितने। कागज में अपनी ख्वाहिश लिखकर, डाल मो� read more >>
जिसका रहता है बेसब्री से इंतजार, वह है जन्मदिन का त्यौहार। यह होता वर्ष में एक बार, उसे दिन मिलता सभी का प्यार। जन्मदिन है खुशी का दिन read more >>
बादल रूठ गये क्यों हो हमसे तुम? सूख गये क्यों हो जल से तुम? मुझे पता है क्यों रूठे हो? बूंद बूंद से क्यों सूखे हो? छोड़ो नादानी बच्� read more >>
चलो अपने रोज का सफ़र बताता हूं रोज मेट्रो के पथ से आता जाता हूं मेरे घर से ऑफिस काफी ज्यादा दूर हैं जहां से मैं बैठता हूं बस स्टेशन शा read more >>
यादें बचपन की चलो देखते हैं फिर एक समय पुराना, शिक्षालय के चारों यार, यारों का था याराना, हाथ में कपड़े के फटे हुए होते थे थैले, ख� read more >>
वर्षों से तिनका-तिनका कर, बुनी थी जिसे मैं। पेड़ की डाली पर बैठ, गाया करती थी मैं। जब,सूर्य लालिमा बिखेरते आसमां में, चीं -चीं कर जगाया � read more >>
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